Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित टिहरा में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने लगभग 35 लाख रुपये की लागत से बने युद्ध स्मारक परिसर का लोकार्पण किया।
सैनिक कल्याण मंत्री ने शहीदों के परिजनों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने तिरंगा फहराया और एनसीसी कैडेट्स तथा भूतपूर्व सैनिक लीग के आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान गृह रक्षक बैंड की धुन पर राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी गई।
कारगिल युद्ध के वीरों के शौर्य और अदम्य साहस को नमन
डॉ. शांडिल ने शहीदों के साहस को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरणा देगा। 1999 के कारगिल युद्ध में प्रदेश के 52 सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें 12 मंडी जिले के थे। देश को मिले चार परमवीर चक्र में से दो हिमाचल के वीर योद्धाओं को मिले हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए काम कर रही है। सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को 15 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके तहत अब तक 1220 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार दिया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त पूर्व सैनिक निगम के माध्यम से 4,305 से अधिक पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों में रोजगार मिला है। साथ ही 232 से अधिक पूर्व सैनिकों के ट्रकों को सीमेंट फैक्ट्रियों में लगाया गया है। सरकार हर वर्ग के पूर्व सैनिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रयासरत है।
पूर्व सैनिकों और पेंशनरों के लिए वित्तीय सहायता राशि में बढ़ोतरी
गैर-पेंशनभोगी 60 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन 3,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। इसके तहत 3,160 लाभार्थियों को 12.82 करोड़ रुपये से अधिक बांटे गए हैं। युद्ध में शहीद सैनिकों की अनुग्रह राशि भी 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख की गई है।
सामान्य परिस्थितियों या बीमारी से मृत सैनिकों के लिए सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये की गई है। बीते तीन वर्षों में मंडी जिले में ऐसे परिवारों को 2.81 करोड़ रुपये दिए गए। मंत्री ने युद्ध स्मारक विस्तार और टिहरा में सीएसडी कैंटीन खोलने का आश्वासन दिया।