Kullu News: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम ठंड बढ़ गई है। इसी बीच कुल्लू की सैंज घाटी में बादल फटने से भारी तबाही हुई, जबकि चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान ठंड लगने से एक श्रद्धालु की जान चली गई।
कुल्लू की सैंज घाटी में बादल फटने से छह पुलियां बहीं
कुल्लू जिले की सुचैहण पंचायत स्थित नूहाडा वाटरफॉल के पास शुक्रवार को अचानक बादल फट गया। इसके बाद आए तेज बहाव और भारी मलबे ने इलाके में काफी नुकसान पहुंचाया। करीब छह पुलियां बह गईं, पैदल रास्ते टूट गए और कई पेयजल पाइपलाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
पंचायत प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित रास्तों और पेयजल योजनाओं को जल्द ठीक किया जाए। उधर, चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर गए जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ निवासी बयासी वर्षीय जयराम शर्मा की डल झील के पास कड़ाके की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई।
दिन के पारे में उछाल के बीच स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी जारी
राज्य के कई हिस्सों में धूप खिलने से दिन के पारे में सात डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कल्पा और केलंग में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। हालांकि, रात के समय ठंड लगातार बढ़ रही है, जिससे तापमान में भारी अंतर देखा जा रहा है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए चिकित्सकों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. बलवीर वर्मा ने कहा कि बदलते मौसम में जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने और ठंडा पानी पीने से बचने की अपील की है।