Shimla News: हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर दृष्टिबाधितों का आंदोलन लगातार 1089वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को दृष्टिहीन संगठन के सदस्यों ने शिमला स्थित राज्य सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जल्द मांगे पूरी करने की मांग उठाई।
दृष्टिहीन संगठन के प्रमुख सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि दिव्यांगजनों को काफी समय से केवल झूठे आश्वासन ही मिल रहे हैं। सरकार द्वारा समस्याओं का समाधान न करने से परेशान होकर अब आंदोलनकारियों ने दिल्ली जाने की तैयारी कर ली है। लिखित आश्वासन न मिलने पर वे तुरंत दिल्ली रवाना होंगे।
संगठन के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि वे दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर उनसे मुलाकात करेंगे। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उनके आवास का घेराव भी करेंगे। साथ ही प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगें प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयोग के उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखेगा।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर भर्ती मेला आयोजित करना शामिल है। वे मासिक पेंशन 1700 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना व बीपीएल में बिना शर्त शामिल करने की मांग है।
राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से दिव्यांगों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधित युवाओं के लिए आरक्षित करीब 1100 बैकलॉग पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन खाली पदों को तुरंत भरने के लिए अब तक कोई फैसला नहीं हुआ।
एक अन्य घटनाक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के रूप में 1-1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देगी। दृष्टिबाधित युवाओं ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।