Shimla News: पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने प्रदेश में शून्य नामांकन वाले 100 सरकारी स्कूलों को बंद करने के फैसले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे विद्यालयों पर खर्च हुए पूरे सरकारी बजट का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
बिना छात्रों के संस्थान खोलने के औचित्य पर उठाई आपत्ति
शांता कुमार ने बताया कि बंद किए जा रहे संस्थानों में 77 प्राथमिक और 23 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण, शिक्षकों के वेतन और अन्य सुविधाओं पर भारी सरकारी बजट खर्च होता है। ऐसे में बिना छात्रों के स्कूल खोलने की योजना पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
चुनावी फायदे के लिए स्कूल खोलने की नीति पर साधा निशाना
वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही वोट बैंक की राजनीति के चलते ऐसे स्कूल खोले जाते हैं। उन्होंने पूछा कि पिछले वर्षों में ऐसे कितने स्कूल खुले और बंद हुए। साथ ही उन्होंने विपक्ष से भी विधानसभा में इस फिजूलखर्ची की पूरी रिपोर्ट मांगने की अपील की।