हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम, कुल्लू के प्रभावित क्षेत्रों का दूसरे दिन किया निरीक्षण

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Kullu News: मानसून की बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने बुधवार को दूसरे दिन भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मनाली, बंजार और आनी में विभिन्न क्षतिग्रस्त योजनाओं और परिसंपत्तियों का मौका मुआयना किया।

केंद्रीय टीम का यह स्थलीय निरीक्षण राहत राशि जारी करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम सबसे पहले ओल्ड मनाली पहुंची, जहां 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजना का जायजा लिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने सोलंग गांव, पतलीकूहल स्थित ट्राउट फार्म, बंजार और आनी के खनाग में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि केंद्र सरकार ने आपदा के नुकसान का सही आकलन करने के लिए इस विशेष टीम का गठन किया है। केंद्रीय टीम ने हिमाचल के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में भूस्खलन, सड़कों, मकानों, पेयजल योजनाओं, बिजली ढांचे, मत्स्य केंद्रों और कृषि-बागवानी को पहुंचे नुकसान की वास्तविक स्थिति को समझा है।

एम. रामचंद्रुडु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मिलते ही उसका मूल्यांकन किया जाएगा। राज्य की रिपोर्ट और जमीनी निरीक्षण के आधार पर केंद्र सरकार को राहत राशि और सहायता की सिफारिश भेजी जाएगी। इस दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के अलावा जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास से रामावतार मीणा, सड़क परिवहन से शाश्वत महापात्रा, वित्त मंत्रालय से कनव दुआ और इसरो के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे। राज्य सरकार के अतिरिक्त सचिव सुनील वर्मा और अन्य स्थानीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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