Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने टैक्सी समेत सभी कॉन्ट्रैक्ट कैरेज वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में अब इन गाड़ियों को 12 के बजाय 15 साल तक चलाने की मंजूरी मिलेगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में घोषणा की कि केंद्र का फैसला आने तक 12 से 15 साल वाले वाहनों का चालान नहीं होगा।
सदन में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों की उम्र सीमा तय करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार ने ऑपरेटरों के हित में राहत देते हुए केंद्र से परमिट फीस 20 हजार रुपये से घटाने की मांग की है। 1 अप्रैल से 1,009 ऑपरेटर टूरिस्ट परमिट का लाभ ले चुके हैं।
एटीएस की कमी पर मैनुअल फिटनेस व्यवस्था की मांग
उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की कमी से ऑपरेटरों को आ रही परेशानी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि जब तक पूरे प्रदेश में एटीएस का पर्याप्त नेटवर्क तैयार नहीं हो जाता, तब तक पुरानी मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था को ही लागू रखने की छूट दी जाए।
इस मुद्दे पर सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच नोकझोंक भी हुई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर अपनी नाकामी केंद्र पर मढ़ने और प्रदर्शनकारी टैक्सी ऑपरेटरों को जबरन हटाने का आरोप लगाया। वहीं अग्निहोत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ऑपरेटरों के साथ खड़ी है और नियमों के तहत पूरी मदद कर रही है।