Delhi News: पीरियड्स के दौरान पैड के रैशेज और बार-बार खिसकने की समस्या से बचने के लिए आजकल कई लड़कियां पीरियड पैंटीज का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे हर महीने पैड पर होने वाला खर्च भी बचता है। हालांकि, सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
धूप में सुखाना और 3 महीने में बदलना है जरूरी
डॉक्टर वर्तिका विश्वानी के अनुसार, पीरियड पैंटी को इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाना बेहद जरूरी है। इसमें थोड़ी सी भी नमी रहने पर बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे रैशेज का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, बैक्टीरिया से बचाव के लिए हर दो से तीन महीने में पैंटी बदल देनी चाहिए।
हैवी फ्लो में बैकअप और सही फैब्रिक का चुनाव
हैवी फ्लो वाले दिनों में केवल पीरियड पैंटी पर निर्भर रहने के बजाय पैड का बैकअप जरूर रखें या हर तीन से चार घंटे में इसे बदलें। पैंटी खरीदते समय ध्यान दें कि उसमें ज्यादा सिंथेटिक मटेरियल न हो। हमेशा कॉटन और त्वचा के लिए सुरक्षित कपड़े से बनी पैंटी ही खरीदें, ताकि इंफेक्शन से बचा जा सके।