Noida News: दिल्ली से सटे नोएडा में रक्षाबंधन से पहले भाई-बहन के अटूट रिश्ते की मिसाल सामने आई है। पिछले ढाई साल से गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे 40 वर्षीय जितेंद्र को उनकी 45 वर्षीय बड़ी बहन बीना कुमारी ने अपनी दाहिनी किडनी दान कर नई जिंदगी दी है।
ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी
जितेंद्र हफ्ते में तीन बार दर्दनाक डायलिसिस से गुजर रहे थे। ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम ने सफलतापूर्वक एबीओ-कम्पैटिबल (ABO-Compatible) किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी पूरी की। सर्जरी के बाद डोनर बहन और रिसीवर भाई दोनों की सेहत में तेजी से सुधार देखा जा रहा है।
बीमारी के दौर में बनीं परिवार का सबसे बड़ा सहारा
जितेंद्र ने भावुक होकर बताया कि उनकी बहन हमेशा उनके लिए हिम्मत का सहारा रहीं। इलाज के दौरान वही उनके 5 साल के बेटे और बेटी की देखभाल करती थीं। दो साल से अधिक समय से क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) और आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार को सही समय पर डॉक्टरी मदद मिली।
अविवाहित बीना कुमारी अपने भाई के परिवार के साथ ही रहती हैं। उन्होंने कहा कि भाई को असहनीय दर्द में देखकर उनका दिल बैठ जाता था। किडनी दान करना कोई एहसान नहीं बल्कि उनका फर्ज और प्यार था। भाई को मिला नया जीवन ही उनके लिए रक्षाबंधन का सबसे बड़ा उपहार है।