Health News: एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बैक्टीरिया में बढ़ते प्रतिरोध के बीच वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने पाया कि कैंसर की दवा सोराफेनिब निमोनिया के दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया को खत्म कर सकती है। यह खोज भविष्य में निमोनिया के इलाज में बेहद मददगार साबित होगी।
कैंसर की दवा सोराफेनिब से खत्म होगा निमोनिया बैक्टीरिया
वैज्ञानिकों के अनुसार सोराफेनिब दवा स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया बैक्टीरिया के खिलाफ बेहद प्रभावी पाई गई है। यह बैक्टीरिया दुनिया भर में गंभीर निमोनिया फैलाने का मुख्य कारण माना जाता है। अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के जर्नल एमबायो में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यह दवा बैक्टीरिया के प्रमुख रेगुलेटरी प्रोटीन को पूरी तरह निष्क्रिय कर देती है।
एंटीमाइक्रोबियल थेरेपी के विकास को मिलेगी नई दिशा
इस नई खोज से रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी। दुनिया भर में दवा प्रतिरोधी संक्रमण हर साल दस लाख से ज्यादा मौतों का कारण बनते हैं। यह शोध बैक्टीरिया के रेगुलेटरी एंजाइम को टारगेट करके अगली पीढ़ी की प्रभावी एंटीमाइक्रोबियल थेरेपी तैयार करने में बहुत मददगार बनेगा।