हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी, एसएफआई ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

Share

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार की फीस और प्रशासनिक शुल्कों में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन ने इस शुल्क वृद्धि को पूरी तरह छात्र विरोधी करार दिया है।

सामान्य फीस, हॉस्टल और परीक्षा शुल्क में भारी इजाफा

एसएफआई का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामान्य फीस, परीक्षा शुल्क, हॉस्टल शुल्क और प्रशासनिक मदों में 25 फीसदी तक की वृद्धि की है। इसका सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले छात्रों पर पड़ेगा। संगठन के अनुसार इस फैसले से कई विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई जारी रखना कठिन हो जाएगा।

संगठन ने दावा किया कि उसने पहले प्रशासन को वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए एक वैकल्पिक ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद प्रशासन ने उन सुझावों को नजरअंदाज कर छात्रों पर आर्थिक बोझ डाल दिया। एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष आशीष चौहान ने बताया कि सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ा दी गई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के वित्तीय संकट पर श्वेत पत्र की मांग

एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी, एमटेक और एमबीए के अलावा शोधार्थियों की थीसिस विस्तार फीस, प्रोजेक्ट मूल्यांकन शुल्क, पुनर्मूल्यांकन, डिग्री, माइग्रेशन प्रमाणपत्र और लेट फीस में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। हॉस्टल मेंटेनेंस और सिक्योरिटी फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। संगठन का आरोप है कि प्रशासन अपना घाटा छात्रों से वसूल रहा है।

एसएफआई ने राज्य सरकार से विश्वविद्यालय को विशेष वित्तीय मदद देने और आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग उठाई है। साथ ही बढ़ी हुई सभी फीस को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है। मांगें पूरी न होने पर संगठन चरणबद्ध तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है।

मांग पूरी न होने पर राज्यव्यापी घेराव और भूख हड़ताल की चेतावनी

आशीष चौहान ने चेतावनी दी कि यदि फीस बढ़ोतरी का निर्णय वापस नहीं हुआ, तो परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद कुलपति और कुलसचिव का घेराव, पुतला दहन, क्रमिक भूख हड़ताल और कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों को साथ जोड़कर राज्य स्तर पर प्रदर्शन होगा।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

Read more

Related News