Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में नारी-चिंतपूर्णी पंचायत के श्मशानघाट में पांच भाजपा नेताओं की तस्वीरें मिलने से सनसनी फैल गई। इन तस्वीरों को सफेद कपड़े में लपेटकर प्रत्येक पर तीन-तीन कीलें ठोकी गई थीं। मौके पर अंतिम संस्कार से जुड़ी सामग्री भी मिली है। स्थानीय स्तर पर इसे तांत्रिक क्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। पीड़ित नेताओं ने मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
ऊना जिले की नारी-चिंतपूर्णी पंचायत स्थित श्मशानघाट में पांच स्थानीय भाजपा नेताओं की तस्वीरें मिलने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वार्ड नंबर-पांच के श्मशानघाट में मंगलवार शाम यह मामला सामने आया। सभी तस्वीरें सफेद कपड़े में लिपटी हुई थीं और प्रत्येक तस्वीर पर तीन-तीन कीलें ठोंकी गई थीं। घटनास्थल की स्थिति को देखकर ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यहां किसी तांत्रिक गतिविधि या जादू-टोने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। हालांकि, यह कृत्य किसने और किस मंशा से किया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
श्मशानघाट में मिली खाद्य और अंतिम संस्कार की सामग्री
जानकारी के अनुसार, दशहरा की शाम को श्मशानघाट के पास सफेद कपड़े में लिपटी तस्वीरों के अलावा खाने-पीने की कुछ वस्तुएं और अंतिम संस्कार में प्रयुक्त होने वाली सामग्री भी रखी मिली। बाद में खाद्य सामग्री को आवारा कुत्ते घसीटकर ले गए। शाम के समय अंधेरा होने और आसपास उगी लंबी घास की वजह से स्थानीय ग्रामीण मौके पर रखी सभी सामग्रियों और तस्वीरों की कुल संख्या का तुरंत सटीक अनुमान नहीं लगा सके।
सोशल मीडिया से निकाली गईं तस्वीरें, नेताओं ने जताया विरोध
जांच में सामने आया कि बरामद तस्वीरों में नारी गांव के वार्ड नंबर-तीन निवासी, कारोबारी एवं युवा भाजपा नेता सुनीश डढवाल तथा पंचायत के उपप्रधान सुरेंद्र कुमार सोनी की तस्वीरें भी शामिल हैं। युवा नेता सुनीश डढवाल ने कहा कि उनकी तस्वीर सोशल मीडिया से निकालकर प्रिंट करवाई गई है। उन्होंने इस हरकत पर कड़ा ऐतराज जताते हुए घोषणा की है कि वे पूरे मामले को लेकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाएंगे।
पंचायत प्रधान को मिली सूचना, पुलिस में शिकायत की तैयारी
पंचायत की प्रधान प्रवीण बाला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी और शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल औपचारिक रूप से मामला पुलिस थाने तक नहीं पहुंचा है, लेकिन प्रभावित नेताओं और ग्रामीणों की ओर से पुलिस को शिकायत सौंपने की तैयारी की जा रही है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस कृत्य के पीछे किसका हाथ है और इसका उद्देश्य क्या था।
