New Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद जेल से रिहा हो गए हैं। रिहाई के बाद पार्टी ने संकेत दिए हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने जल्द ही बैठक कर आगामी रणनीति तय करने की बात कही है।
सात दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका बुधवार को जेल से बाहर आ गए हैं। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत से राहत मिलने के बाद दोनों नेताओं और पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका अभियान थमा नहीं है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस संबंध में एक वीडियो संदेश जारी कर भविष्य के कदमों को लेकर संकेत दिए हैं, हालांकि अगले औपचारिक प्रदर्शन की तारीख और रूपरेखा की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत के मामले में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि याचिकाकर्ताओं को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। इसके उपरांत एसईएम अदालत द्वारा दोनों नेताओं को रिहा करने का आदेश जारी किया गया।
रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय हुए सौरव दास
जेल से बाहर आने के बाद सौरव दास ने करीब नौ दिनों के अंतराल पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पहली पोस्ट साझा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘ज्ञानू मस्ट गो’। उल्लेखनीय है कि सीजेपी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संदर्भ में इसी नारे का इस्तेमाल करती रही है। वहीं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके द्वारा जारी किए गए वीडियो में आशुतोष रांका और सौरव दास दोनों नजर आए, जिसमें वे ‘भारत माता की जय’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के नारे लगाते दिखे।
बैठक के बाद तय होगी आगे के आंदोलन की रूपरेखा
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा कि दोनों प्रमुख नेताओं के बाहर आने के बाद पार्टी नेतृत्व एक साथ बैठकर विचार-विमर्श करेगा। दीपके के अनुसार, हाल के दिनों में कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लेने के जिस तरह के कदम उठाए गए, उससे आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया है। अब पार्टी कानूनी और रणनीतिक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की ठोस योजना बनाएगी।
फिलहाल सीजेपी ने अपने अगले विरोध-प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इससे पहले पार्टी ने 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था और बाद में कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का ऐलान किया था। अब पार्टी की आगामी बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में उनका अगला कदम क्या होगा।
