Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों के भुगतान में गलतियों को रोकने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। वित्तीय नियमों की सख्ती सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर के कोषागारों (ट्रेजरी) की निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
वित्त विभाग ने सभी जोनल उपनिदेशकों को ई-वेतन और ई-पेंशन मॉड्यूल की गहन पड़ताल के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में हिमकोष प्रणाली पर 1,76,155 कर्मचारी और 1,91,717 पेंशनर पंजीकृत हैं। बड़े पैमाने पर होने वाले इन भुगतानों में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और पेंशन कम्यूटेशन बिलों पर रहेगा विशेष फोकस
विभाग ने सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े बिलों की बारीकी से जांच करने पर जोर दिया है। इसके तहत डीसीआरजी, लीव एनकैशमेंट और पेंशन कम्यूटेशन की पात्रता, गणना और संलग्न दस्तावेजों की गहन समीक्षा होगी। इस कदम का मकसद सरकारी खजाने से वास्तविक पात्रता के अनुसार ही सटीक भुगतान सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को कम से कम दो महीने के वेतन और पेंशन रिकॉर्ड का ‘टेस्ट चेक’ करना अनिवार्य किया गया है। सेवा रिकॉर्ड, वेतन विवरण और पात्रता दस्तावेजों की नियमित जांच से गलत भुगतानों और अनावश्यक देरी पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे पूरी वित्तीय प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।
