कांगड़ा उपभोक्ता आयोग ने NHAI को दिया झटका, बदहाल सड़क पर बढ़े टोल टैक्स की वसूली पर लगाई रोक

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Kangra News: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कांगड़ा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बड़ा झटका देते हुए बढ़े हुए टोल टैक्स की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के ‘नो सर्विस, नो टोल’ सिद्धांत का हवाला देते हुए वाहन चालकों को बड़ी राहत दी और केवल 25 रुपये पुराना शुल्क लेने के आदेश जारी किए हैं।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कांगड़ा ने बदहाल सड़क और अधूरी सुविधाओं के बीच टोल दरों में की गई बढ़ोतरी पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की पीठ ने सनी कौंडल व अन्य की शिकायत पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित पक्षों को 65 रुपये (एक तरफ) और 100 रुपये (24 घंटे में वापसी) की बढ़ी हुई दरें वसूलने से रोक दिया है। आयोग ने अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक 30 सितंबर 2026 से पहले लागू 25 रुपये की दर से ही टोल लिया जाए। आयोग ने इस आदेश को 17 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक अनिवार्य रूप से लागू कर ईमेल के जरिए अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

चारों लेन चालू नहीं, बालूग्लोआ पैच भी बंद

उपभोक्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाधा ने आयोग के समक्ष दलील दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों के सुरक्षा, विकल्प और सूचना के बुनियादी उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा की चारों लेन ठीक से काम नहीं कर रही हैं और मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। टोल टैक्स बढ़ाने के बावजूद बालूग्लोआ पैच चालू नहीं किया गया है। इसके अलावा, देहरा जाने वाले यात्रियों के पास कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है, जिससे उन्हें मजबूरी में खराब सड़क से गुजरना पड़ता है और भारी टोल चुकाना पड़ रहा है।

AbhishekPadha
Advocate Abhishak Padha

सुप्रीम कोर्ट के ‘नो सर्विस, नो टोल’ सिद्धांत का हवाला

उपभोक्ता आयोग ने माना कि प्रथम दृष्टया सेवा में गंभीर कमी है। सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के लिए कानूनन तय गुणवत्ता और मानकों का पालन नहीं किया गया है। पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (NHAI बनाम ओ.जे. जनीश व अन्य) का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि जब सड़कें गड्ढों से भरी हों और कुप्रबंधन का शिकार हों, तो यात्रियों को टोल चुकाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कोर्ट के अनुसार, मोटर वाहन कर चुकाने वाले नागरिकों को गड्ढों से भरी सड़कों पर चलने के लिए अतिरिक्त भुगतान के लिए विवश नहीं किया जा सकता।

30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले में विपक्षी पक्ष संख्या 4 और 5 की ओर से उत्तर दाखिल कर लिया गया है, जबकि NHAI और संबंधित पक्षों (विपक्षी 1 से 3) ने जवाब के लिए समय मांगा है। आयोग ने विपक्षी दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इस अंतरिम आदेश को अंतिम निपटारे तक स्थायी क्यों न कर दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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