Sidhi News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में प्रशासनिक संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। गांव में बारिश के नुकसान का जायजा लेने पहुंचे एक हल्का पटवारी बुजुर्ग ग्रामीण के कंधे पर बैठकर नाला पार करते दिखे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। प्रशासन से पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
सीधी जिले में बारिश के बाद फसलों और मकानों के नुकसान का आकलन करने राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची थी। इस दौरान हल्का पटवारी नीलेश नामदेव को रास्ते में पड़ने वाला एक बरसाती नाला पार करना था। पटवारी ने खुद पानी में उतरने के बजाय वहां मौजूद एक बुजुर्ग ग्रामीण के कंधों पर बैठकर नाला पार किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह बरसाती नाला बहुत अधिक गहरा या खतरनाक नहीं था। इसे सामान्य तरीके से पैदल चलकर भी आसानी से पार किया जा सकता था। हैरानी की बात यह रही कि बुजुर्ग ने पटवारी को एक बार नहीं, बल्कि दो बार कंधे पर बैठाकर इस नाले को पार कराया। इस घटना का वीडियो तेजी से फैल रहा है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पटवारी अपने जूतों को पानी और कीचड़ से बचाना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति को साधन बना लिया। मौके पर नुकसान का जायजा लेने पहुंचे जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी का यह रवैया देखकर क्षेत्र के लोग बेहद नाराज हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने हल्का पटवारी नीलेश नामदेव के खिलाफ जिला प्रशासन से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटवारी अक्सर मनमानी करते हैं और जमीन से जुड़े राजस्व कार्यों के बदले रिश्वत मांगते हैं। हालांकि, पटवारी पर लगे रिश्वत और मनमानी के इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पटवारी की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने ग्रामीण के कंधे का सहारा क्यों लिया, इसकी आधिकारिक वजह साफ नहीं हो सकी है। अब जिला प्रशासन की आंतरिक जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट से लेकर सरकारी दफ्तरों तक चर्चा में बना हुआ है।