Kangra News: हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत समीक्षा बैठक हुई। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में आयोजित इस जिला स्तरीय समिति की बैठक में लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने और पीड़ितों को तुरंत न्याय देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करें। साथ ही उनका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके।
बैठक में अपनी बात रखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने जोर दिया कि “न्याय में देरी न्याय न मिलने के समान है।” उन्होंने कहा कि हर मामले की गहराई से तफ्तीश की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कानून और अधिनियम के सभी सख्त प्रावधानों का पूरी निष्ठा से पालन किया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान जिला न्यायालयों में लंबित मुकदमों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही पुलिस विभाग में दर्ज और लंबित चल रहे मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में कुल 89 मामलों की वर्तमान स्थिति का बारीकी से ब्योरा लिया गया।
इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला और अतिरिक्त एसपी आर.पी. जसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला रेडक्रॉस सचिव ओम प्रकाश शर्मा, जिला अटॉर्नी एनएस चौहान, डीआईईटी से वीना सिंह और समिति के कई गैर-सरकारी सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।