Mandi News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के मंडी डिविजन में बस चेकिंग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अधिकारी निरीक्षण के बजाए आराम कर रहे थे और कंडक्टर खुद ही टिकटिंग मशीन से रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। प्रबंधन ने दो इंस्पेक्टर और एक कंडक्टर को निलंबित कर दिया है।
निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
बस निरीक्षण के लिए इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों को अलग लॉग इन आईडी दी जाती है। बस रोककर इंस्पेक्टर टिकटिंग मशीन को लॉक करते हैं और यात्रियों के टिकट की जांच करते हैं। लेकिन इस मामले में इंस्पेक्टरों ने अपनी लॉग इन आईडी कंडक्टरों को दे दी थी, जिन्होंने खुद ही निरीक्षण की एंट्री कर दी।
एक कंडक्टर बना सरकारी गवाह, खुली पूरी पोल
चेकिंग बिल पर हस्ताक्षर न होने से प्रबंधन को शक हुआ। इसके बाद हुई क्षेत्रीय प्रबंधक की जांच में पूरा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। दो कंडक्टर यह काम कर रहे थे। इनमें से एक कंडक्टर अब सरकारी गवाह बन गया है। उसने माना कि इंस्पेक्टरों के दबाव बनाने पर ही उसने ऐसा काम किया था।
एचआरटीसी प्रबंधन ने विभागीय जांच के दिए आदेश
एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल ने बताया कि इंस्पेक्टर गुरदयाल और चमन लाल समेत एक कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया है। मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। निलंबन के बाद आरोपियों को चार्जशीट किया जाएगा। आरोपों की पुष्टि होने पर इन्हें नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।