दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिया पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश, आरबीआई ने आधिकारिक परिसमापक किया नियुक्त

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Delhi News: दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 में नियामकीय नियमों के उल्लंघन के कारण बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने अदालत में इसे बंद करने की याचिका लगाई थी।

रिजर्व बैंक ने बताया कि अदालत ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम और कंपनी अधिनियम के तहत यह फैसला सुनाया है। इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम नायर को बैंक का लिक्विडेटर बनाया गया है। वह जुलाई से निदेशक मंडल की सभी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।

नियामकीय कार्रवाई के बाद लिक्विडेशन का फैसला

आरबीआई ने पीपीबीएल के कामकाज को जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ पाया था। लिक्विडेटर 8 जुलाई 2026 से बैंक के मैनेजमेंट और कामकाज की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस फैसले के बाद बैंक की बची हुई संपत्तियों के निपटारे और बैंकिंग परिचालन को पूरी तरह समाप्त करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नियमों की अनदेखी के चलते पहले भी कई बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं। साल 2022 में बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद साल 2024 में केंद्रीय बैंक ने इसकी जमा स्वीकारने और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर भी कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए थे।

Desh Raj
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