Delhi News: सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 12,207 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक सौंपा है। इसके साथ ही यूनियन बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने भी बड़ा लाभांश दिया है। इस दौरान बैंकों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है।
लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ आर. दोराईस्वामी ने यह भारी-भरकम चेक वित्त मंत्री को दिया। वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सीईओ आशीष पांडे ने 2,853 करोड़ रुपये और न्यू इंडिया एश्योरेंस की सीएमडी गिरिजा सुब्रमणियन ने 211 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक सौंपा।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड ऊंचाई पर
वित्त मंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी बैंकों की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार आया है। बैंकों का ग्रॉस एनपीए घटकर रिकॉर्ड 1.9 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गया है। इस शानदार प्रदर्शन से बैंकों का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
समीक्षाधीन वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शुद्ध लाभ में 11.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह लगातार चौथा साल है जब सरकारी बैंक बड़े फायदे में रहे हैं। प्रशासनिक सुधारों और बेहतर गवर्नेंस के कारण बैंकों की बैलेंस शीट, वर्किंग कैपेसिटी और कैपिटल एडिक्वेसी पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
बैंकिंग सेक्टर का कुल कारोबार 283 लाख करोड़ रुपये पार
वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, बेहतर एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ ने बैंकों की कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। मार्च 2026 तक सरकारी बैंकों का कुल बिजनेस 12.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 283.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इससे बैंकिंग सिस्टम को काफी मजबूती मिली है।
आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ग्रॉस एनपीए 1.93 प्रतिशत और नेट एनपीए घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया है। यह बैड लोंस का अब तक का सबसे निचला स्तर है। इसके अलावा सभी सरकारी बैंकों ने 90 प्रतिशत से अधिक का प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो बनाकर अपने रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत किया है।