Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 29 जुलाई 2026 को कारोबार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 दोनों ही प्रमुख सूचकांक अच्छी बढ़त बनाकर खुले। शुरुआती सत्र से ही निवेशकों ने बाजार में सकारात्मक रुख दिखाया, जिससे लिवाली देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 657.85 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की उछाल लेकर 77,423.77 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 सूचकांक 191.3 अंक की तेजी दर्ज करते हुए 24,176.65 के स्तर तक पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 76,765.92 और निफ्टी 50 23,985.35 के स्तर पर बंद हुए थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखी जोरदार लिवाली
बाजार की इस शुरुआती तेजी का सकारात्मक असर व्यापक बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। बीएसई मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 51.99 अंक यानी 0.60 प्रतिशत चढ़कर 8,768.51 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में छोटे और मझोले शेयरों को भी संस्थागत निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला।
कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की धारणा पूरी तरह सकारात्मक नजर आई। एनएससी पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक लगभग 1,837 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 550 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा 103 शेयरों की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। बाजार का यह दायरा मजबूती का संकेत दे रहा है।
गिफ्ट निफ्टी से मिले थे बाजार को मजबूती के संकेत
सुबह शेयर बाजार में औपचारिक कारोबार शुरू होने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी ने तेजी के संकेत दे दिए थे। गिफ्ट निफ्टी अपने पिछले बंद स्तर 24,091.50 की तुलना में लगभग 201 अंक ऊपर चढ़कर 24,292.50 के स्तर पर खुला था। इस अंतरराष्ट्रीय संकेत से घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों को अच्छा उत्साह मिला।
भारतीय शेयर बाजार को विदेशी और घरेलू दोनों संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मजबूती मिली। आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 28 जुलाई 2026 को बाजार में 755.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार में कुल 1,664.16 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया।
कच्चे तेल की कीमतों में फिर से दिखी तेजी
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों की धारणा पर पड़ा है।
अब शेयर बाजार के निवेशक आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण कारकों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक परिस्थितियां, वैश्विक ऊर्जा कीमतें और प्रमुख कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजे शामिल हैं। बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक इन सभी संकेतों से आने वाले समय की दिशा तय होगी।