IT Sector News: दिग्गज आईटी कंपनी एक्सेंचर ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब केवल बेसिक सैलरी बढ़ाने के बजाय वेतन वृद्धि को दो हिस्सों में बांटेगी। इसमें एक हिस्सा नियमित सैलरी में जुड़ेगा और दूसरा एकमुश्त (Lump Sum) मिलेगा।
कंपनी का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ देना है, साथ ही कंपनी के कुल पेरोल खर्च को भी संतुलित रखना है। आंतरिक दस्तावेजों के मुताबिक, जून 2026 के मुख्य वेतन संशोधन चक्र में यह नया मॉडल लागू किया गया है।
जानिए क्या है 50:50 फॉर्मूला और कैसे होगा भुगतान
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की कुल वेतन वृद्धि को बराबर-बराबर दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की सैलरी में 3% बढ़ोतरी तय होती है, तो उसमें से 1.5% उसकी बेसिक सैलरी में जुड़ जाएगा, जबकि बाकी 1.5% राशि उसे एकमुश्त नकद भुगतान के रूप में मिलेगी।
कंपनी का मानना है कि कई कर्मचारी तुरंत कैश मिलने को प्राथमिकता देते हैं। बेसिक सैलरी में कम प्रतिशत जोड़ने से कंपनी भविष्य के स्थायी पेरोल खर्च को भी कंट्रोल रख पाएगी। हालांकि, यह नया मॉडल प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, उनकी पूरी वेतन वृद्धि केवल बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी।
सालाना बोनस और शेयर प्लान पर क्या होगा असर
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जून में मिलने वाला यह एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले सालाना बोनस का विकल्प नहीं है, वह पहले की तरह जारी रहेगा। इसके साथ ही, बेसिक सैलरी में हुई बढ़ोतरी और लंपसम भुगतान, दोनों को कर्मचारी की वार्षिक कमाई का हिस्सा माना जाएगा।
इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2026 के बोनस का कैलकुलेशन करते समय इन दोनों राशियों को शामिल किया जाएगा। वहीं, जो कर्मचारी कंपनी के वीईआईपी (VEIP) या ईएसपीपी (ESPP) का हिस्सा हैं, उनके लंपसम भुगतान पर भी सामान्य नियमों के अनुसार कटौती लागू होगी।