Business News: भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ खुल सकते हैं। अमेरिकी बाजारों में रातों-रात हुई भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों में दर्ज की गई गिरावट का सीधा असर घरेलू सेंटीमेंट्स पर पड़ा है। नैस्डैक 2 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुआ है।
गुरुवार को भी मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण भारतीय बाजार लगातार चौथे सत्र में लाल निशान पर बंद हुए थे। सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 76,391 पर और निफ्टी 126 अंक फिसलकर 23,869 के स्तर पर बंद हुआ था।
गिफ्ट निफ्टी और एशियाई बाजारों के सुस्त संकेत
गिफ्ट निफ्टी शुक्रवार सुबह 23,705 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 169 अंकों की भारी छूट को दर्शाता है। इससे भारतीय सूचकांकों के लिए एक बड़े गैप-डाउन खुलने का स्पष्ट संकेत मिल रहा है। एशियाई बाजारों में भी जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी 2.8 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं।
अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर 13वीं रात भी किए गए हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत का नया आयात शुल्क लगाने की घोषणा से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
इन्फोसिस के नतीजे और कच्चे तेल की चाल का असर
आईटी दिग्गज इन्फोसिस ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का शुद्ध लाभ 8.6 प्रतिशत गिरकर 7,769 करोड़ रुपये रह गया है, हालांकि राजस्व 3.9 प्रतिशत बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। नतीजे बाजार की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहने से आईटी सेक्टर पर दबाव रह सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो इस सप्ताह करीब 7 प्रतिशत चढ़ा है। दूसरी ओर, कीमती धातुओं में सुस्ती देखी जा रही है और स्पॉट गोल्ड 4,042 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं।