Lucknow News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के 40 हजार रुपये देने के वादे के बाद अब राज्य की योगी सरकार पात्र महिलाओं को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। फिलहाल इस योजना के वित्तीय प्रभाव और व्यवहारिकता का आकलन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दलों ने आधी आबादी को साधने की कवायद तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा महिलाओं को 40 हजार रुपये देने की चुनावी घोषणा के बाद अब योगी आदित्यनाथ सरकार भी एक बड़ा आर्थिक पैकेज लाने की योजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार के स्तर पर पात्र महिलाओं को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर मंथन चल रहा है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह राशि समाजवादी पार्टी के चुनावी वादे से 10 हजार रुपये अधिक होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में 3 नवंबर को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल्द ही एक आकर्षक आर्थिक पैकेज लेकर आने वाली है। हालांकि, उस समय सहायता राशि और वितरण के माध्यम का खुलासा नहीं किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में वित्त विभाग इस योजना की व्यवहारिकता और राज्य के खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय भार का मूल्यांकन कर रहा है।
सहायता राशि के वितरण के लिए दो विकल्पों पर मंथन
शासन स्तर पर महिलाओं तक यह सहायता पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहले विकल्प के तहत सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त 50 हजार रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित कर सकती है।
दूसरे विकल्प के तौर पर राज्य में पहले से संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों के जरिए इस मदद को आगे बढ़ाया जा सकता है। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी मौजूदा योजनाएं शामिल हैं। हालांकि, योजना के अंतिम प्रारूप, पात्रता के नियम और भुगतान की किस्तों को लेकर अभी आधिकारिक निर्णय होना शेष है।
अखिलेश यादव का ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ का वादा
महिला मतदाताओं को आकर्षित करने की इस होड़ में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पहले ही दांव चल चुकी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ के तहत महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस घोषणा के सामने आने के बाद सत्तारूढ़ दल की ओर से 50 हजार रुपये का प्रस्ताव विचाराधीन होने से मुकाबला रोचक हो गया है। हालांकि, सपा का वादा सत्ता में आने की स्थिति से जुड़ा है, जबकि योगी सरकार का प्रस्ताव मौजूदा प्रशासनिक स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं का सियासी महत्व
उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला मतदाताओं की भागीदारी निर्णायक भूमिका निभाती रही है। राज्य की अद्यतन मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ से अधिक है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 62.24 दर्ज किया गया था, जो पुरुषों के 59.56 प्रतिशत मतदान से अधिक था।
विभिन्न चुनाव-विश्लेषणों में भी यह रेखांकित किया गया था कि भाजपा को महिला वर्ग से व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ था। यही कारण है कि आगामी 2027 चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दल महिला मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में ठोस नीतिगत व चुनावी कदम उठा रहे हैं।