Islamabad News: पाकिस्तान साल 2027 में प्रस्तावित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए भारत समेत सभी सदस्य देशों को आमंत्रित करेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संगठन के तय नियमों और प्रोटोकॉल के तहत मेजबान देश होने के नाते वह सभी सदस्य देशों को औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजेगा।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में दी जानकारी
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि यह कोई विशेष फैसला नहीं है। यह एससीओ की स्थापित प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। इसलिए भारत सहित सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं को सम्मेलन में हिस्सा लेने का न्योता मिलेगा। हालांकि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन करेगा, यह फैसला हर देश का अपना होगा।
जयशंकर और पाक विदेश मंत्री की मुलाकात पर रुख
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान फिलीपींस की राजधानी मनीला में होने वाली आसियान (ASEAN) बैठकों के बारे में भी पूछा गया। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री की द्विपक्षीय बातचीत पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत की ओर से ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध नहीं आया है। इसलिए किसी बैठक की पुष्टि नहीं की जा सकती।
वर्ष 2027 में इस्लामाबाद करेगा मेजबानी
शंघाई सहयोग संगठन के शेड्यूल के अनुसार 2027 का शिखर सम्मेलन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित होगा। यह संगठन का सबसे प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम माना जाता है। इसमें राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, व्यापार, आतंकवाद रोधी रणनीति और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
एससीओ का महत्व और सदस्य देशों की स्थिति
एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को बीजिंग में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य यूरो-एशियाई क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम करना है। वर्तमान में इसके 10 पूर्णकालिक सदस्य देश हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। ये सभी देश रणनीतिक सहयोग पर काम करते हैं।
अंग्रेजी वर्णमाला के आधार पर तय होती है मेजबानी
एससीओ की सर्वोच्च संस्था ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट’ की अध्यक्षता अंग्रेजी वर्णमाला के क्रमानुसार बदलती है। जिस देश को जिस वर्ष अध्यक्षता मिलती है, वही उस साल शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है। इसी व्यवस्था के तहत वर्ष 2027 की मेजबानी पाकिस्तान को मिली है और वह सभी सदस्य देशों को औपचारिक निमंत्रण भेजेगा।