Delhi News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग से बड़ी वेतन वृद्धि की उम्मीद है। संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा में कर्मचारियों की दो मुख्य मांगों पर सवाल पूछा गया। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के कूटनीतिक जवाब ने फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है।
कर्मचारियों की दो सबसे प्रमुख मांगें
सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना रखा गया था, जिसे बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग चल रही है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी काफी बढ़ जाएगी। इससे उनके मासिक वेतन में भारी उछाल आएगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
दूसरी मांग न्यूनतम वेतन तय करने के नियमों से जुड़ी है। वर्तमान में न्यूनतम वेतन के लिए परिवार में 3 सदस्यों को आधार माना जाता है। लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि बढ़ते खर्चों और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल को देखते हुए फैमिली यूनिट की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 की जाए।
राज्यसभा में सरकार का कूटनीतिक जवाब
राज्यसभा में जब इन मांगों पर सरकार का रुख पूछा गया तो वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार आयोग के कामकाज में दखल नहीं देती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन आयोग के नियमों में नियमित अपडेट देने की बात शामिल नहीं है। इसलिए बैठकों की जानकारी सरकार को नहीं मिलती।
सरकार ने साफ किया है कि फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट पर फैसला लेने का पूरा अधिकार आयोग का है। आयोग को गठन की तारीख नवंबर 2025 से 18 महीने में अपनी अंतिम रिपोर्ट देनी होगी। इसका मतलब है कि मई 2027 के आसपास यह बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है।