Jeddah News: केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सऊदी अरब के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने जेद्दा में लाल सागर के तट पर स्थित प्रसिद्ध अल-रहमा मस्जिद (फ्लोटिंग मस्जिद) का दौरा किया। रिजिजू छठे हज सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2027 में हिस्सा लेने और द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सऊदी अरब पहुंचे हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आधिकारिक दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे हैं। जेद्दा आगमन पर उन्होंने वहां की ऐतिहासिक ‘अल-रहमा मस्जिद’ का भ्रमण किया, जिसे आम बोलचाल में ‘फ्लोटिंग मस्जिद’ या तैरती हुई मस्जिद भी कहा जाता है। लाल सागर के तट पर बनी यह मस्जिद इस्लामी वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के लिए दुनिया भर में पहचानी जाती है।
शनिवार को अपनी यात्रा का विवरण साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने जेद्दा में ऐतिहासिक अल-रहमा मस्जिद का दौरा किया, जिसे ‘फ्लोटिंग मस्जिद’ के नाम से भी जाना जाता है। यह खूबसूरत लाल सागर के तट पर स्थित है। यह आध्यात्मिक महत्व और वास्तुकला की सुंदरता का एक अद्भुत स्थल है, जो सऊदी अरब की समृद्ध इस्लामी विरासत को दर्शाता है।”
हज 2027 के लिए द्विपक्षीय समझौते पर होंगे हस्ताक्षर
केंद्रीय मंत्री रिजिजू शुक्रवार को ‘छठे हज सम्मेलन और प्रदर्शनी 2027’ में भाग लेने के लिए जेद्दा पहुंचे थे। जेद्दा हवाई अड्डे पर भारत के महावाणिज्य दूत (कॉन्सुल जनरल) फहद सूरी ने उनका स्वागत किया। इस दौरे का मुख्य एजेंडा सऊदी अरब के साथ आगामी हज के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करना और भारतीय जायरीनों के लिए सुविधाओं की समीक्षा करना है।
रिजिजू ने बताया कि इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य वर्ष 2027 के हज के लिए व्यवस्थाओं को पुख्ता करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के बीच होने वाली वार्ता के जरिए सभी भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक सुगम, सुरक्षित और आरामदायक हज यात्रा सुनिश्चित की जा सकेगी।
भारतीय दूतावास ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारियां
इससे पहले अक्टूबर माह में भी भारतीय राजनयिकों और सऊदी अरब के अधिकारियों के बीच तैयारियों को लेकर अहम बैठकें हो चुकी हैं। जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने 4 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के हज और उमराह उप-मंत्री डॉ. अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस बैठक में कॉन्सुल जनरल फहद सूरी और कॉन्सुल (हज) सदफ चौधरी भी उपस्थित थे।
उस दौरान दोनों पक्षों ने आगामी हज के लिए भारतीय हज मिशन और सऊदी मंत्रालय के बीच निरंतर समन्वय पर जोर दिया था।
1 लाख से अधिक भारतीय यात्रियों के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा
हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से हर साल 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्री सऊदी अरब पहुंचते हैं। इन यात्रियों के आवागमन के लिए जेद्दा एयरपोर्ट का हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे सबसे प्रमुख केंद्र हैं।
भारतीय राजदूत और अधिकारियों ने जेद्दा हवाई अड्डे के हज टर्मिनल और हरमैन रेलवे स्टेशन का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वहां की नागरिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। किरेन रिजिजू की इस यात्रा से इन सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने और समन्वय को अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी।