Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को शिमला के भराड़ी पुलिस मैदान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान ऑन ड्यूटी प्राण गंवाने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही शहीद परिवारों के कल्याण और सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
समारोह की अगुवाई हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने की। अधिकारियों और जवानों ने शहीदों की याद में परेड निकाली व दो मिनट का मौन रखकर पुष्पचक्र अर्पित किए। कार्यक्रम में शहीद जवानों के नाम पढ़कर उनकी बहादुरी को याद किया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जवानों के त्याग की भरपाई असंभव है।
पुलिस महानिदेशक और नेताओं के संदेश व इतिहास
डीजीपी ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान और सुरक्षा बल की जिम्मेदारी सर्वोच्च होनी चाहिए। वहीं राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी अपने संदेशों के जरिए शहीदों के साहस को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का यह त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का बड़ा स्रोत रहेगा।
यह दिवस हर साल 21 अक्टूबर को 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी हमले के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों की याद में मनाया जाता है। अब यह दिन देश भर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान न्योछावर करने वाले सभी पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने का मुख्य अवसर बन गया है।
