Shimla News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मिशन 2027 की तैयारियों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर उम्र और अनुभव का विवाद गहराने लगा है। पार्टी के छह दिग्गज नेता 75 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी सक्रिय चुनावी राजनीति से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सारा दारोमदार पार्टी आलाकमान के फैसले पर टिका है।
वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों और पूर्व दिग्गजों ने दिए चुनावी संकेत
कैबिनेट मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर और ठाकुर सिंह भरमौरी बैठकों में सक्रिय होकर दावेदारी पेश कर रहे हैं। इन नेताओं के क्षेत्रों में युवा दावेदार नेतृत्व के रुख का इंतजार कर रहे हैं। शांडिल ने पहले चुनाव न लड़ने की बात कही थी, लेकिन अब उनका फैसला हाईकमान के पाले में है।
द्रंग से आठ बार विधायक रहे कौल सिंह ठाकुर ने चुनावी संन्यास से यू-टर्न लेकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। वहीं भरमौरी ने अपने साथ बेटे के लिए भी टिकट की मांग रखी है। वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर, किशोरी लाल और मंत्री चौधरी चंद्र कुमार की सक्रियता भी सियासी चर्चाओं के केंद्र में है।
आंतरिक सर्वे और संगठनात्मक बदलावों से तय होगी भावी रणनीति
विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से अधिक का समय शेष है। इस दौरान पार्टी के आंतरिक सर्वे, संगठनात्मक फेरबदल और हारी हुई सीटों की समीक्षा से समीकरण बदल सकते हैं। युवा चेहरों को आगे लाने की मांग के बीच देखना होगा कि 2027 में कांग्रेस अनुभव को चुनती है या फिर पीढ़ी परिवर्तन करती है।