Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग में सतलुज जल विद्युत परियोजना चरण-दो से प्रभावित ग्रामीणों का सब्र टूट गया। स्थानीय विधायक दीप राज के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम दफ्तर के बाहर तीन घंटे जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।
मंगन, परलोग और बेलूधांक सहित कई पंचायतों के प्रभावित लोग अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर एकत्रित हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने इनडोर बैठक का प्रस्ताव ठुकराते हुए अधिकारियों को बाहर आकर बात करने पर मजबूर किया। ढाई घंटे तक चले इस गतिरोध से मिनी सचिवालय मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा।
परियोजना प्रबंधन पर सौतेले व्यवहार का गंभीर आरोप
विधायक दीप राज ने एसजेवीएनएल प्रबंधन पर क्षेत्र की अनदेखी का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण के मुकाबले करसोग क्षेत्र को कम बजट मिला है। लाडा के तहत जारी करीब नौ करोड़ रुपये भी पूरे खर्च नहीं हुए हैं। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
प्रदर्शन में शामिल मासूम बच्चों ने बताया कि उन्हें रोज चार किलोमीटर पैदल चलकर सतलुज पर बना खतरनाक झूलापुल पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने लोहे के पुल, पक्की सड़क, स्वास्थ्य संस्थान और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग रखी। काम शुरू न होने पर ग्रामीणों ने परियोजना का काम ठप करने की चेतावनी दी।