Mandi News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत मंडी और कुल्लू के बीच चल रहे ढलान सुदृढ़ीकरण कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने के कड़े आदेश दिए हैं। अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की बाधा न आने दी जाए और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल तैनात किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राष्ट्रीय महत्व की बड़ी अवसंरचना परियोजना है, जिस पर भारी धनराशि खर्च हो चुकी है। वर्ष 2017 से अदालत इसकी निरंतर निगरानी कर रही है, इसलिए जनहित में इसका काम बिल्कुल नहीं रुकेगा।
थलौट बॉक्स सुरंग और मुआवजा विवाद पर अदालत का रुख
मंडी के थलौट में प्रदेश की पहली बॉक्स सुरंग प्रस्तावित है, जिसका टेंडर हो चुका है। अलाइनमेंट से बाहर नुकसान झेलने वाले घरों को एनएचएआई मुआवजा दे चुका है, फिर भी स्थानीय लोग कार्य में अड़चन डाल रहे थे। अदालत ने थलौट और नगरैणी के शेष प्रभावितों को मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त मंडी की रिपोर्ट के अनुसार 2023 की आपदा से प्रभावित 48 में से 15 भू-स्वामियों को 5.27 करोड़ रुपये का मुआवजा मिल चुका है। बाकी 33 लोगों ने बैंक विवरण और अंडरटेकिंग नहीं दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि जब तक दावे पेश नहीं होते, तब तक बची राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा रखा जाए।
दयोड़-हणोगी सुरंग से सफर हुआ आसान, घटेगी दूरी
अदालत को सूचित किया गया कि दयोड़-हणोगी सुरंगों से एकतरफा ट्रैफिक शुरू हो चुका है, जिससे भूस्खलन और ट्रैफिक जाम से राहत मिली है। दाहिनी सुरंग से गाड़ियां गुजर रही हैं। सुरंगों के पूरी तरह चालू होने पर मंडी से कुल्लू की दूरी 78 किमी से घटकर 60 किमी रह जाएगी, जिससे 18 किलोमीटर का सफर कम होगा।
सुनवाई में देव श्री मार्कंडेय मंदिर और प्रभावित ढांचों के पुनर्निर्माण पर भी सहमति बनी। संयुक्त समिति टहुला, थलौट, नगरैणी, फागू और जलनाल गांवों का दोबारा दौरा करेगी। लोक निर्माण विभाग दीवार निर्माण का नया आकलन कर फंड जारी करेगा। अदालत ने भू-स्वामियों को याचिका दायर करने की छूट देते हुए अगली सुनवाई 8 अक्टूबर तय की।