Kathmandu News: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ का कारण स्थानीय बारिश नहीं बल्कि विशाल हिमस्खलन था। काठमांडू यूनिवर्सिटी के क्लाइमेट रिसर्चर रिजन भक्त कायस्थ के अनुसार भारी एवलांच से ल्हेंडे नदी का प्रवाह रुक गया और प्राकृतिक बांध टूटने से नीचे भयानक जलसैलाब आ गया।
तिब्बत सीमा पर आए भूकंप से मची तबाही
वैज्ञानिकों का यह शुरुआती अनुमान नेपाल और चीन के विशेषज्ञों के बीच साझा डेटा पर आधारित है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार सुबह ठीक 8:37 बजे तिब्बत सीमावर्ती क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप का केंद्र गोसाईंकुंड से करीब 47 किलोमीटर उत्तर में स्थित था।
ग्लेशियल झील फटने की भी जांच कर रहे वैज्ञानिक
रिसर्चर्स इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह तबाही किसी ग्लेशियल झील के फटने से हुई। इलाके में कई बड़ी झीलें हैं और पिछले साल जुलाई 2025 में भी ल्हेंडे नदी में ऐसी ही आपदा आई थी। अचानक तेज जलप्रवाह से साफ है कि ऊपरी रुकावट टूटने से सैलाब आया।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की प्रवक्ता शांति महत ने हिमस्खलन की शुरुआती रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट को चीनी सूत्रों से यह जानकारी मिली है। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस बचाव कार्यों पर है।