New Delhi News: भारत ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि दशकों पुराना ‘सिंधु जल समझौता’ अपने मौजूदा स्वरूप में अब दोबारा लागू नहीं होगा। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए साफ किया है कि सीमा पार आतंकवाद पर पूरी तरह से रोक लगाए बिना इस फैसले की समीक्षा का कोई सवाल ही नहीं उठता।
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को निलंबित कर दिया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 1960 में संधि पर हस्ताक्षर के बाद से जलवायु, जनसांख्यिकी और तकनीक में बड़े बदलाव आए हैं। ऐसे में जल बंटवारे से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्वचार आवश्यक है।
वार्ता के प्रस्तावों को पाकिस्तान ने किया नजरअंदाज
भारत ने समझौता निलंबित करने से पहले 2023 से 2025 के बीच पाकिस्तान को चार बार पत्र लिखकर बातचीत का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने सरकारी स्तर की वार्ता के बजाय केवल जल आयुक्तों के स्तर पर बात करने की पेशकश की, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था।
समझौता निलंबित होने के बाद भारत ने जम्मू-कश्मीर में जल प्रबंधन और जलविद्युत परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। कीरू और पकल दुल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स इसी साल शुरू होने वाले हैं, जबकि क्वार और रतले परियोजनाएं 2028 तक पूरी हो जाएंगी।