Dubai News: फ्लाईदुबई विमान में हुई हिंसक घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़े सुरक्षा नियमों के बावजूद कोई व्यक्ति या पायलट कॉकपिट के अंदर चाकू जैसा हथियार ले जाने में कैसे सफल हुआ।
हवाई अड्डों पर क्रू मेंबर्स की स्क्रीनिंग प्रक्रिया
आमतौर पर सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की तरह पायलटों और केबिन क्रू की भी मेटल डिटेक्टर और एक्स-रे मशीनों से जांच की जाती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले में इस्तेमाल चाकू का आकार क्या था और वह मेटल डिटेक्टर से कैसे बच निकला।
एयरलाइंस के लिए पायलटों की नियमित पृष्ठभूमि की जांच करना एक अनिवार्य मानक है। इसमें उनके आपराधिक रिकॉर्ड, पुराने रोजगार का इतिहास, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की विस्तृत पड़ताल और खुफिया सुरक्षा समीक्षा शामिल होती है। इस घटना ने इन तमाम परीक्षणों की प्रभावशीलता पर नई बहस छेड़ दी है।
इजरायल के सुरक्षा मानक और अतीत की घटनाएं
इजरायल जाने वाली उड़ानों के लिए दुनिया में सबसे कड़े सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं। सामान्य जांच के बाद भी यात्रियों से अलग से विस्तृत पूछताछ और सघन तलाशी ली जाती है। हालांकि फ्लाईदुबई के क्रू पर यह सख्त स्तर लागू हुआ था या नहीं, इसकी जांच चल रही है।
विमानन इतिहास में सुरक्षा प्रोटोकॉल विफल होने के मामले दुर्लभ रहे हैं, लेकिन बेहद घातक साबित हुए हैं। वर्ष 2015 में जर्मनविंग्स फ्लाइट 9525 के को-पायलट ने कैप्टन को कॉकपिट से बाहर कर विमान को पहाड़ से टकरा दिया था, जिसमें सभी 150 लोगों की मौत हो गई थी।