Haridwar News: हरिद्वार तीर्थयात्रा पर आए बिहार के एक युवक को कनखल स्थित पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में 23 साल पहले लापता हुए अपने पिता मिल गए। साल 2003 में घर छोड़कर निकले 70 वर्षीय बुजुर्ग को बेटे ने मंदिर परिसर में पहचान लिया। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बेटा अपने पिता को साथ लेकर घर रवाना हो गया।
बिहार के औरंगाबाद जिले से हरिद्वार तीर्थयात्रा पर आए एक परिवार के लिए गंगा दर्शन का यह दौरा अप्रत्याशित खुशी लेकर आया। करीब 23 साल पहले लापता हुए पिता अचानक कनखल के पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में अपने बेटे के सामने आ गए। वर्षों बाद हुए इस अप्रत्याशित मिलन ने मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को भी भावुक कर दिया।
बिहार के औरंगाबाद जिले के वेलसार निवासी 70 वर्षीय जवाहर मिस्त्री वर्ष 2003 में अचानक घर छोड़कर चले गए थे। उस समय परिवार ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ परिवार के मिलने की उम्मीदें भी लगभग समाप्त हो चुकी थीं। वहीं, जवाहर मिस्त्री लंबे समय से हरिद्वार में ही रहकर अपना जीवन यापन कर रहे थे।
मंदिर दर्शन के दौरान नजर पड़ी, पहचानते ही गले लगे
दो दिन पहले जवाहर मिस्त्री के बेटे शशि कुमार शर्मा अपने परिजनों के साथ धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार पहुंचे थे। कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के दौरान शशि कुमार की नजर बढ़ी हुई दाढ़ी और लंबे बालों वाले एक बुजुर्ग पर पड़ी। ध्यान से देखने पर उन्होंने अपने पिता को पहचान लिया। 23 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आमने-सामने आए पिता-पुत्र एक-दूसरे से लिपटकर रो पड़े।
सूचना मिलने पर कनखल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों से बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी ली। कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र रावत ने बताया कि आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद शशि कुमार अपने पिता जवाहर मिस्त्री और अन्य परिजनों के साथ ट्रेन से बिहार स्थित अपने पैतृक घर के लिए रवाना हो गए हैं।