नेशनल कॉन्फ्रेंस से श्रीनगर सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी का इस्तीफा, पार्टी नेतृत्व पर वादों से मुकरने का लगाया आरोप

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Budgam News: श्रीनगर से लोकसभा सांसद सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। बडगाम में आयोजित रैली के दौरान उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर अनुच्छेद 370 की बहाली, कैदियों की रिहाई और मुफ्त बिजली जैसे चुनावी वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देने की बात कही है।

श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी ने मंगलवार, 3 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पार्टी नेतृत्व की नीतियों और चुनावी वादों पर सवाल उठाए। हालांकि, जनसभा में उन्होंने सीधे तौर पर लोकसभा से इस्तीफे का जिक्र नहीं किया, लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष को भेजेंगे।

फारूक और उमर अब्दुल्ला पर चुनावी वादों से पीछे हटने का आरोप

बडगाम में आयोजित इस शक्ति प्रदर्शन रैली में रुहुल्ला मेहदी ने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और अनुच्छेद 370 की बहाली की लड़ाई छोड़ दी है।

सांसद मेहदी ने कहा कि पार्टी चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों का सम्मान करने में विफल रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान अनुच्छेद 370 बहाल करने, कैदियों को रिहा करने और मुफ्त बिजली देने के बारे में किए गए तमाम दावे महज झूठ थे। मैं अब इन झूठों का हिस्सा बनकर नहीं रह सकता।” उन्होंने पार्टी से अलग होने के अपने निर्णय को “आजादी का फरमान” करार दिया।

नए जनआंदोलन की शुरुआत के दिए संकेत

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर निर्वाचित हुए प्रभावशाली शिया नेता मेहदी ने समर्थकों को संबोधित करते हुए भविष्य की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कई लोग उन्हें नया राजनीतिक दल गठित करने का सुझाव दे रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और सम्मान की बहाली के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करने की है।

उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में पार्टी का समर्थन करने की अपील करना एक भूल साबित हुई। मेहदी ने आगे कहा कि भले ही पार्टी नेतृत्व ने अपने रुख से समझौता कर लिया हो, लेकिन वे जनता से जुड़े अधिकारों की बहाली के लिए ईमानदार और संवेदनशील लोगों के साथ मिलकर जमीनी संघर्ष जारी रखेंगे।

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