उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा में बहे तीन कांवड़िए, एक को जल पुलिस ने सुरक्षित निकाला

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Haridwar News: उत्तराखंड के हरिद्वार में दो अलग-अलग हादसों में गंगा जल लेने आए तीन कांवड़िए नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गए। पुलिस ने रविवार को बताया कि पानी में बह रहे एक अन्य कांवड़िए को जल पुलिस के जवानों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। फिलहाल लापता कांवड़ियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार पहला हादसा रविवार को हर की पौड़ी के पास धनुष पुल के नीचे हुआ। यहां एक कांवड़िया सुरक्षा रेलिंग पार करके गंगा में नहा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही उसने डुबकी लगाई, वह अचानक नदी के गहरे पानी और तेज धार की चपेट में आ गया और देखते ही देखते ओझल हो गया।

राहत-बचाव कार्य जारी, लापता कांवड़िए की पहचान की कोशिश

हादसे की सूचना मिलते ही जल पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। नावों की मदद से गंगा में लापता कांवड़िए की तलाश का काम शुरू किया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रशासन लापता कांवड़िए के नाम और पते की पहचान करने का प्रयास कर रहा है।

इससे पहले शनिवार देर शाम नमामि गंगे घाट पर भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। यहां स्नान के दौरान तीन कांवड़िए नदी के तेज बहाव में बहने लगे थे। वहां तैनात जल पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए एक कांवड़िए को तो सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दो अन्य युवक नदी की गहराई में समा गए।

मुरादाबाद और बुलंदशहर के रहने वाले हैं लापता युवक

पुलिस ने बताया कि नमामि गंगे घाट से लापता हुए कांवड़ियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी 20 वर्षीय पंकज सिंह और बुलंदशहर निवासी 22 वर्षीय आनंद कश्यप के रूप में हुई है। दोनों युवकों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

नगर पुलिस क्षेत्राधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेताने के बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर सुरक्षा रेलिंग पार कर रहे हैं। अधिकारी ने सभी से प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

Desh Raj
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