Raipur News: ओडिशा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया। राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायमूर्ति महापात्र को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस गरिमामय शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य शासन के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। न्यायमूर्ति महापात्र ने पद की शपथ अंग्रेजी भाषा में ली और सभी गणमान्य लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के रिटायरमेंट के बाद नियुक्ति
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा चार सितंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का प्रभार सौंपा गया था। अब नियमित मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति महापात्र ने कमान संभाल ली है।
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की डिग्री पूरी करने के बाद कानूनी क्षेत्र में कदम रखा। सात फरवरी 1988 को उन्होंने ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में बतौर एडवोकेट अपना रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी वकालत शुरू की थी।
26 वर्षों का लंबा अनुभव और न्यायिक सफर
न्यायमूर्ति महापात्र ने सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों समेत कानून के विविध क्षेत्रों में करीब 26 वर्षों तक वकालत की। इस दौरान वह राज्य सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल भी रहे। उन्होंने कई बड़े सार्वजनिक और वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने नीलाचल इस्पात निगम, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान और प्रमुख बैंकों के कानूनी मामलों की पैरवी की। 17 अप्रैल 2015 को उन्हें ओडिशा उच्च न्यायालय का जज नियुक्त किया गया था। अब उनके लंबे कानूनी और न्यायिक अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ न्यायपालिका को मिलेगा।