Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बुनियादी ढांचे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां उफनती नदी के ऊपर लटके अधूरे पुल और नुकीले सरियों के सहारे मासूम बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। जरा सी चूक से बच्चों की जान सीधे खतरे में पड़ सकती है।
राजधानी रायपुर से करीब 190 किलोमीटर दूर मैनपुर ब्लॉक के खम्भाथा और आसपास के दर्जनों छात्र रोजाना इस खतरनाक रास्ते से गुजरते हैं। मानसून के दौरान जब पैरी नदी में पानी भर जाता है, तो बच्चे 20 फीट ऊंचे खंभे पर लगी फिसलन भरी लोहे की सीढ़ी चढ़कर नदी पार करते हैं।
छह साल से अधूरा पड़ा है 300 मीटर लंबा पुल
देहरगुडा और खम्भाथा के बीच बन रहा 300 मीटर लंबा यह पुल पिछले छह साल से अधूरा पड़ा है। कंक्रीट के खंभों से बाहर निकले नुकीले लोहे के सरियों के बीच से बच्चे संतुलन बनाकर निकलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन सरियों से टकराकर पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं।
बच्चों के इस जोखिम भरे सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सालों से लटके इस निर्माण कार्य और लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों ने अब नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है। वहीं, कलेक्टर रणबीर शर्मा ने मौके का जायजा लेने की बात कही है।