Galle News: चार शताब्दियों से कई साम्राज्यों के उत्थान-पतन का गवाह रहे गॉल के ऐतिहासिक स्टेडियम में भारतीय टीम अपनी नई पीढ़ी के साथ जीत दर्ज करने उतरेगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को श्रीलंका के इस मजबूत किले में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी।
श्रीलंका ने गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए 49 टेस्ट मैचों में से 27 में जीत दर्ज की है और उसे केवल 15 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं भारतीय टीम ने यहां खेले पांच में से तीन मैच गंवाए हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद भारतीय टीम की काफी आलोचना हो रही है।
कोच गौतम गंभीर और भारतीय टीम के लिए आगे का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण है। डब्ल्यूटीसी के फाइनल में प्रवेश करने के लिए भारत को अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों में से कम से कम सात में जीत दर्ज करनी होगी। इस दौरान टीम केवल एक मैच में हार बर्दाश्त कर सकती है, वरना वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगी।
मैच से 11 दिन पहले श्रीलंका पहुंची भारतीय टीम ने परिस्थितियों में ढलने के लिए कोलंबो में तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला और लगातार नेट प्रैक्टिस की। गॉल में बदलते मौसम और हिंद महासागर से आने वाली तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट ने अपनी अंतिम एकादश लगभग तय कर ली है।
भारतीय टीम बिना घास वाली भूरी पिच पर दो तेज गेंदबाजों प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और तीन स्पिनरों कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा व मानव सुथार के साथ मैदान में उतरेगी। बल्लेबाजी में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत और ध्रुव जुरैल मुख्य भूमिका में होंगे, जबकि सरफराज खान को बाहर बैठना पड़ सकता है।
तेज गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने तीनों बाएं हाथ के स्पिनरों की तारीफ करते हुए कहा, “तीनों बाएं हाथ के स्पिनर हैं, लेकिन सभी अपने तरीके से अलग हैं। कुलदीप आक्रामक हैं, सुथार को थोड़ा ज्यादा टर्न मिलता है और जडेजा सटीक हैं। मुझे लगता है कि जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ेगा, पिच से मदद मिलने लगेगी।”
यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास का 600वां टेस्ट मैच होगा, जबकि गॉल स्टेडियम अपने 50वें टेस्ट की मेजबानी करेगा। भारतीय टीम 2017 के बाद पहली बार श्रीलंका में टेस्ट मैच खेल रही है। उस समय की टीम का हिस्सा रहे केएल राहुल और रवींद्र जडेजा मौजूदा टीम में भी शामिल हैं।