Delhi News: नई दिल्ली में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश भर में सबसे तेज गति से काम कर रहा है। मध्यप्रदेश जल्द ही स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आयोजित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने राज्य के हरित ऊर्जा मॉडल का प्रदर्शन किया। उन्होंने सम्मेलन में मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति से सभी को परिचित कराया। सरकार राज्य को सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों ने प्रदेश में नए निवेश और नवाचारों को एक नई दिशा दी है। इससे राज्य में ऊर्जा उत्पादन और प्रबंधन को अभूतपूर्व मजबूती मिली है।
आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ हासिल हुआ है। इन्हीं शानदार प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश आज भारतीय रेलवे समेत देश के आठ राज्यों को हरित ऊर्जा की आपूर्ति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए बेहद गर्व का विषय बताया है।