Kangra News: हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी शक्तिपीठ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं। गुरुवार को एक श्रद्धालु ने मंदिर प्रांगण में कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह की कोशिश की। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रद्धालु ने अचानक मंदिर परिसर के भीतर ही खुद को नुकसान पहुंचाने का कदम उठाया। इस अप्रत्याशित हरकत से मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा घेरे के भीतर इस तरह ज्वलनशील पदार्थ का पहुंच जाना सीधे तौर पर प्रवेश द्वार की चेकिंग व्यवस्था में बड़ी चूक को उजागर करता है।
परिसर में सुरक्षा को लेकर यह पहली लापरवाही नहीं है। इससे करीब एक महीने पहले भी एक व्यक्ति ने बिजली से चलने वाले कटर से खुद को बुरी तरह जख्मी कर लिया था। उस हादसे में उस व्यक्ति की जान चली गई थी। लगातार दूसरी बार हुई इस तरह की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
मामले पर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता रमेश चंद धवाला ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का जीवन और उनकी सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। धवाला ने साफ कहा कि सुरक्षा बलों की सही तैनाती और उचित चेकिंग से ऐसी घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है।
वरिष्ठ नेता ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और बैग चेकिंग को पूरी तरह कड़ा किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि अगर समय पर इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और भयानक हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है।