New Delhi News: सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए एक वकील द्वारा माफी मांगने पर पीठ ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन पेश होना उनका पूरा अधिकार है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने वकील से कहा कि इसके लिए सॉरी कहने की कोई आवश्यकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उस समय एक सहज और सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए एक एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (AOR) ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद न रह पाने के लिए पीठ से माफी मांग ली। इस पर पीठ की अगुवाई कर रहे जस्टिस संजय कुमार ने उन्हें रोकते हुए कहा कि ऑनलाइन पेश होना वकीलों का पूरा अधिकार है और इसके लिए क्षमा मांगने की कोई जरूरत नहीं है।
जस्टिस संजय कुमार की इस टिप्पणी पर संबंधित वकील ने पीठ के प्रति आभार व्यक्त किया। अदालत की इस व्यवस्था ने यह संदेश दिया कि तकनीकी माध्यमों से मामलों की पैरवी करना न्यायिक प्रक्रिया का एक नियमित और स्वीकार्य हिस्सा है।
सुनवाई के दौरान दिवाली की शुभकामनाएं और जजों की हल्की-फुल्की सलाह
इसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में त्योहारी माहौल भी देखने को मिला। एक वकील ने पीठ को दिवाली की बधाई देते हुए कहा, ‘माय लॉर्ड, आपको दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।’
इस पर जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने भी सभी उपस्थित वकीलों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही जस्टिस कुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में वकीलों को सलाह देते हुए कहा, ‘आप सभी को भी हमारी ओर से दिवाली की शुभकामनाएं। कोशिश कीजिए कि पटाखे न जलाएं।’ अदालत में प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े विषयों की गंभीरता के बीच पीठ की इस अनौपचारिक सलाह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।