Bengaluru News: भारत में सेम-सेक्स कपल्स के लिए इनकम टैक्स नियम जटिल हो गए हैं। बेंगलुरु के एक समलैंगिक जोड़े ने 1.15 लाख रुपये के सोने के कंगन पर लगे टैक्स को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया है। यह मामला एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के आर्थिक और कानूनी अधिकारों से जुड़ा है।
सोने के कंगन पर टैक्स का पूरा विवाद
बेंगलुरु के अनुराग कालिया और अखिलेश गोडी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अखिलेश ने अनुराग को अपने पिता से मिला 22-कैरेट का सोने का कंगन गिफ्ट किया था। इसकी कीमत 1.15 लाख रुपये थी। रिटर्न भरते समय अनुराग को इस कंगन को आमदनी दिखाकर टैक्स भरने की सलाह दी गई।
इनकम टैक्स एक्ट का नियम और छूट का दायरा
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) के अनुसार, वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट पर टैक्स लगता है। लेकिन रिश्तेदार से मिले गिफ्ट पर टैक्स छूट मिलती है। कानून में रिश्तेदार की परिभाषा में पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन और बच्चे शामिल हैं। इसलिए शादीशुदा जोड़ों को टैक्स नहीं देना पड़ता।
सेम-सेक्स कपल्स के सामने आ रही मुख्य दिक्कत
भारत में समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है। टैक्स कानून केवल कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त पति-पत्नी को रिश्तेदार मानता है। इस वजह से सेम-सेक्स पार्टनर द्वारा दिए गए गिफ्ट पर टैक्स लग जाता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह नियम उनके साथ सीधे तौर पर भेदभाव करता है।
याचिकाकर्ताओं की मांग और केंद्र सरकार का रुख
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मांग की है कि कानून में लिखे ‘स्पाउस’ यानी पति/पत्नी शब्द को जेंडर-न्यूट्रल माना जाए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने इस याचिका का विरोध किया है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि टैक्स छूट कानूनी शादी पर आधारित है, न कि लैंगिक रुझान के आधार पर दी जाती है।