Delhi News: आजकल बढ़ता वजन और मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। मोटापा न केवल सेहत बिगाड़ता है, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है। वजन घटाने के लिए लोग चिया सीड्स और सब्जा सीड्स का इस्तेमाल करते हैं।
वजन कम करने के सफर में लोग अक्सर असमंजस में रहते हैं कि चिया सीड्स और सब्जा सीड्स में से कौन सा विकल्प बेहतर है। दोनों ही सुपरफूड्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। आइए जानते हैं कि इनमें से कौन सा बीज वजन घटाने में अधिक असरदार है।
चिया सीड्स और सब्जा सीड्स के खास गुण
चिया सीड्स साल्विया हिस्पैनिका पौधे के बीज होते हैं। इनमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मिलते हैं। पानी में भीगने के बाद ये जेल की तरह बन जाते हैं। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख कम लगती है।
सब्जा सीड्स को स्वीट बेसिल या तुलसी के बीज भी कहते हैं। ये पानी में डालने के 10-15 मिनट के भीतर ही फूल जाते हैं। इनकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए गर्मियों में लोग इन्हें नींबू पानी, शरबत या छाछ में मिलाकर पीते हैं। ये पाचन सुधारने में मददगार हैं।
जानिए वजन घटाने में कौन सा बीज है अधिक प्रभावी
अगर आपका मुख्य उद्देश्य भूख को नियंत्रित रखना और कम कैलोरी लेना है, तो चिया सीड्स ज्यादा बेहतर विकल्प हैं। इसमें मौजूद हाई प्रोटीन और हेल्दी फैट्स बार-बार स्नैक्स खाने की आदत को रोकते हैं। इससे डाइट कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है।
दूसरी तरफ, यदि आप कब्ज की समस्या से परेशान हैं और बेहतर पाचन चाहते हैं, तो सब्जा सीड्स का सेवन करें। यह पेट साफ रखने और शरीर को ठंडक देने में बेहतरीन काम करता है। कुल मिलाकर, कम कैलोरी इनटेक के लिए दोनों ही बीज फायदेमंद साबित होते हैं।
सिर्फ बीजों के सेवन से नहीं घटेगा वजन
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ चिया या सब्जा सीड्स खाने से वजन कम नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको संतुलित और पौष्टिक आहार लेना होगा। साथ ही नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, कैलोरी इनटेक पर नियंत्रण और एक सक्रिय जीवनशैली अपनाना भी बेहद जरूरी है।
चिया सीड्स को खाने के लिए इन्हें 20-30 मिनट या रातभर पानी में भिगोएं। इसके बाद इन्हें दही, स्मूदी या ओट्स में मिलाकर खा सकते हैं। सब्जा सीड्स को 10-15 मिनट भिगोकर नींबू पानी, छाछ या फलों के साथ ले सकते हैं।
सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह है जरूरी
गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आप ब्लड थिनर जैसी दवाएं ले रहे हैं, तो इन बीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।