Ramanathapuram News: चारों तरफ फैला अथाह नीला समंदर और पानी के ठीक ऊपर से गुजरती ट्रेन की पटरी किसी भी सफर को बेहद रोमांचक बना देती है। तमिलनाडु में स्थित ऐतिहासिक पंबन रेल पुल देश के सबसे अनोखे रेलवे ट्रैकों में शुमार है। यह पुल इंजीनियरिंग का एक अद्भुत और नायाब नमूना है।
यह प्रसिद्ध रेलवे ट्रैक तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में मंडपम को पंबन द्वीप पर स्थित रामेश्वरम से सीधे जोड़ता है। समुद्र के ऊपर निर्मित यह ट्रैक करीब 2.2 किलोमीटर लंबा है। इसे देश का पहला समुद्री रेलवे ब्रिज होने का गौरव प्राप्त है, जो जहाजों के निकलने के लिए बीच से खुलता भी है।
सौ साल पुराना इतिहास और अंग्रेजों के दौर का निर्माण
पंबन पुल का इतिहास 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए इसे वर्ष 1914 में तैयार किया गया था। उस दौर में इस मार्ग से धनुषकोडी और श्रीलंका के तलाइमन्नार के बीच चलने वाले जहाजों का सफर बेहद सुगम और तेज हो गया था।
शुरुआती दौर में जब इस पुराने पुल से ट्रेन गुजरती थी, तब सुरक्षा कारणों से उसकी रफ्तार महज 10 किलोमीटर प्रति घंटा तय थी। इसके अलावा जहाजों के आने पर पुल के बीच वाले हिस्से को लगभग 30 से 40 लोग मिलकर मैन्युअली यानी हाथों से ऊपर उठाते थे ताकि रास्ते में बाधा न आए।
आधुनिक तकनीक और नया वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज
समय के साथ इस पुल को पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस कर दिया गया है। नए पुल पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा 10 किलोमीटर से बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक कर दी गई है। अब जहाजों के आवागमन के समय इस पुल को मैन्युअली खोलने की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है।
आधुनिक निर्माण के बाद यह पुल देश का पहला इलेक्ट्रो-मैकेनिकल और हाइड्रोलिक वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज बन गया है। जहाजों को रास्ता देने के लिए इसके बीच का हिस्सा स्वचालित हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए आसानी से ऊपर उठ जाता है। यह इंजीनियरिंग का नया मॉडल सफर को और सुरक्षित व सुगम बनाता है।