Manila News: दुनिया भर के मर्चेंट जहाजों और क्रूज पर आज 25 से 30 प्रतिशत नाविक फिलीपींस से हैं। फिलीपींस के इस गौरवशाली समुद्री इतिहास को जीवंत करने के लिए मनीला के मॉल ऑफ एशिया में ‘म्यूजियो डेल गैलियन’ खोला गया है। यह खास म्यूजियम विजिटर्स को सदियों पुराने जहाजी सफर का सीधा अहसास कराता है।
मॉल ऑफ एशिया दुनिया के सबसे बड़े शॉपिंग और एंटरटेनमेंट परिसरों में शामिल है, जहां 660 से ज्यादा दुकानें मौजूद हैं। मॉल के चहल-पहल भरे माहौल के बीच यह म्यूजियम शांति का अनुभव देता है। यहां 100 फीट ऊंचे और 130 फीट लंबे ‘गैलियन एस्पिरितु सांतो’ जहाज का फुल-स्केल मॉडल मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
प्रशांत महासागर में ग्लोबल ट्रेड नेटवर्क की ऐतिहासिक दास्तान
असली जहाज ने 1603 से 1618 के बीच मनीला और मैक्सिको के अकापुल्को के बीच 10 बार यात्रा की थी। तब एशिया के रेशम, मसालों और चीनी मिट्टी के बर्तनों के बदले चांदी का व्यापार होता था। इसे शुरुआती ग्लोबल ट्रेड नेटवर्क माना जाता है। करीब 250 वर्षों में 181 जहाजों ने कुल 798 समुद्री यात्राएं पूरी की थीं।
म्यूजियम की छत पर बनी एलईडी तारों की छतरी रात के समय प्रशांत महासागर का दृश्य दिखाती है। यहां टचस्क्रीन और मसालों की खुशबू वाले 6 अलग-अलग स्टेशन मौजूद हैं। मूल जहाज कैविट में दो हजार पेड़ों की लकड़ी से बना था, जबकि म्यूजियम में रखा यह नया मॉडल फाइबरग्लास की मदद से पम्पांगा में तैयार हुआ है।
नाविकों के प्रेरक विचार और टिकट से जुड़ी जरूरी जानकारी
म्यूजियम में लगे बुलेटिन बोर्ड पर दुनिया भर के नाविक अपने प्रेरक विचार और संदेश साझा करते हैं। यह केंद्र बुधवार से रविवार सुबह 10 से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। एंट्री के लिए वयस्कों को 675 पेसो और बच्चों को 375 पेसो फीस देनी होती है, जबकि छात्रों व वरिष्ठ नागरिकों को विशेष छूट मिलती है।
