New Delhi News: बच्चों को घंटों स्मार्टफोन या टीवी स्क्रीन के सामने बैठाना उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहा है। हालिया स्टडी के अनुसार, शुरुआती उम्र में ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों की सीखने और याद रखने की क्षमता पर लंबा और गंभीर असर पड़ता है।
शुरुआती सालों में स्क्रीन टाइम से घटती है वर्किंग मेमोरी
वर्ल्ड जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स में छपे शोध में 502 बच्चों के विकास का अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि जिन बच्चों ने 1 से 6 साल की उम्र में स्क्रीन पर अधिक समय बिताया, 9 से 10 वर्ष की उम्र में उनका शैक्षणिक प्रदर्शन कमजोर रहा और वर्किंग मेमोरी प्रभावित हुई।
रिसर्चर्स का कहना है कि जब बच्चे गैजेट्स पर ज्यादा वक्त बिताते हैं, तो वे खेलकूद, रीडिंग और पेरेंट्स से संवाद जैसी जरूरी एक्टिविटीज से दूर हो जाते हैं। दिमागी विकास के लिए ये गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। स्क्रीन पर निर्भरता बच्चों को सक्रिय सीखने की स्वाभाविक प्रक्रिया से अलग कर देती है।
पिछली रिसर्च में भी भाषा और एकाग्रता पर दिखा था असर
साल 2020 में 18 हजार से अधिक बच्चों पर हुई समीक्षा में सामने आया था कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से लैंग्वेज स्किल्स पिछड़ जाते हैं। इसके अलावा 2023 की एक अन्य रिपोर्ट में पाया गया कि कम उम्र में स्क्रीन का अधिक उपयोग भविष्य में बच्चों में ध्यान भटकने और एकाग्रता की कमी की मुख्य वजह बनता है।