Bengaluru News: कर्नाटक के रहने वाले 28 वर्षीय युवा उद्यमी अवैस अहमद ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी स्पेस-टेक कंपनी ‘पिक्सल’ (Pixxel) को अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ से एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
नासा को हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट डेटा देगी पिक्सल
अवैस अहमद की कंपनी पिक्सल अब नासा को पृथ्वी की बेहद उच्च-गुणवत्ता (हाइपरस्पेक्ट्रल) वाली सैटेलाइट तस्वीरें और आंकड़े उपलब्ध कराएगी। हालांकि, एक छोटे से गांव से शुरू होकर नासा जैसी वैश्विक संस्था के साथ काम करने तक का यह सफर उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।
बिना इंटरनेट वाले गांव में बीता बचपन, किताबों से सीखा
अवैस का बचपन एक ऐसे गांव में बीता, जहां कई वर्षों तक इंटरनेट की कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। इंटरनेट न होने के कारण उनके पिता नदीम अहमद ने उनके लिए विज्ञान की किताबों में निवेश किया। वह उनके लिए नियमित रूप से अंतरिक्ष और सौर मंडल से जुड़ी किताबें लाते थे।
कर्नाटक के अलदूर में एक मेडिकल स्टोर चलाने वाले उनके पिता उन्हें हर हफ्ते किताबों की दुकान पर ले जाते थे। अवैस को बचपन से ही ब्लैक होल और नीहारिकाओं (नेबुला) के बारे में पढ़ने का बहुत शौक था। इन किताबों ने ही उनके मन में अंतरिक्ष के प्रति गहरी जिज्ञासा पैदा की।
माता-पिता ने पढ़ाई के लिए गिरवी रखे थे गहने
अवैस की मां गजाला तश्फीन और पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी पूरी कमाई लगा दी। उनके पिता ने उच्च शिक्षा का खर्च उठाने के लिए एजुकेशन लोन लिया और सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। अवैस भी देर रात तक पढ़ाई करके अपने लक्ष्य को हासिल करने में जुटे रहते थे।
बिट्स पिलानी से पढ़ाई के दौरान हुई पिक्सल की शुरुआत
अवैस का दाखिला बिट्स पिलानी में हुआ, जहां उन्होंने ड्यूल डिग्री की पढ़ाई की। यूनिवर्सिटी में सैटेलाइट प्रोजेक्ट टीम ‘अनंत’ से जुड़ने के दौरान उनकी मुलाकात क्षितिज खंडेलवाल से हुई। बाद में दोनों ने मिलकर साल 2019 में स्पेस-टेक कंपनी ‘पिक्सल’ की नींव रखी।
पिक्सल का मुख्य उद्देश्य ऐसे हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट बनाना था, जो सामान्य सैटेलाइट की तुलना में पृथ्वी की ज्यादा बारीक तस्वीरें दे सकें। बचपन की जिज्ञासा और माता-पिता के त्याग के बल पर अवैस ने आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का नाम दुनियाभर में रोशन कर दिया है।