हिमाचल के दूरदराज क्षेत्रों में होगी अस्थायी शिक्षकों की भर्ती, 1 सितंबर 2026 से लगेगी ऑनलाइन हाजिरी

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार अब जम्मू-कश्मीर मॉडल पर एक साल के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करेगी। चयनित शिक्षकों को हर महीने 25 हजार रुपये मानदेय मिलेगा।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। भर्ती समग्र शिक्षा अभियान के तहत होगी और शिक्षा विभाग इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट को भेजेगा। जम्मू-कश्मीर में यह व्यवस्था सफल रही है, जहां हर साल मेरिट के आधार पर एक वर्ष के लिए नियुक्ति की जाती है।

हिमाचल में लागू होगा 100 अंकों का मेरिट सिस्टम

हिमाचल में शिक्षकों के चयन के लिए 100 अंकों का मेरिट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल, पीएचडी और टीचिंग एक्सपीरियंस के अंक शामिल होंगे। अगर कोई अधिक मेरिट वाला उम्मीदवार मिलता है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आयु सीमा में ढील देने पर विचार कर रही है।

इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में 1 सितंबर 2026 से विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य होगी। वर्तमान में चल रही पूरी ऑफलाइन हाजिरी व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा। अब स्कूलों का इंस्पेक्शन भी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा। जिला उपनिदेशकों को इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।

मेधावी छात्रों का सम्मान और स्वच्छ स्कूलों को पुरस्कार

सरकार ने सरकारी स्कूलों से नीट, जेईई मेन और जेईई एडवांस में पास होने वाले छात्रों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2021-22 से 2024-25 के दौरान सरकारी स्कूलों के 76 विद्यार्थियों ने जेईई मेन में बड़ी सफलता हासिल की है। इन सभी मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

साथ ही ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ अभियान में हिमाचल के 11 स्कूलों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। हर एक चयनित स्कूल को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि और प्रिंसिपल को एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने इसे प्रदेश के लिए बेहद गर्व का पल बताया है।

समीक्षा बैठक में शिक्षक पुरस्कार नियमों में बदलाव, जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक के पद बनाने, डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार और शिव नाडर फाउंडेशन के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी बच्चों के लिए 6वीं से 12वीं तक रेजिडेंशियल स्कूल की व्यवस्था पर भी गंभीर चर्चा की गई।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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