Shimla News: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय शिमला में संचालित प्राइवेट फंडों का व्यापक ऑडिट होगा। डीजीपी अशोक तिवारी ने आदेश जारी कर संयुक्त नियंत्रक अनिल शर्मा को जांच का जिम्मा सौंपा है। उन्हें 15 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं।
स्थापना काल से खातों के अद्यतन होने तक की होगी जांच
आदेश के मुताबिक यह ऑडिट फंडों की स्थापना की तारीख से लेकर खातों के अद्यतन होने की अवधि तक का किया जाएगा। इस दौरान आय-व्यय के सत्यापन, कैश बुक, लेजर एंट्री, बैंक स्टेटमेंट और वाउचर का गहन मिलान होगा। अधिकारी यह भी जांचेंगे कि फंड का इस्तेमाल सही काम में हुआ है या नहीं।
डीजीपी ने कहा कि अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पाई गई तो उसे सीधे रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। विजिलेंस मुख्यालय की सभी शाखाओं, अनुभाग प्रमुखों और फंड के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सभी को ऑडिट टीम को पूरा सहयोग और रिकॉर्ड मुहैया कराना होगा।
वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए होगा ऑडिट
संयुक्त नियंत्रक अनिल शर्मा जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट, निष्कर्ष और जरूरी सुझाव विजिलेंस निदेशक को सौंपेंगे। इस तरह के विशेष ऑडिट का मुख्य उद्देश्य विभाग में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना है। इससे वेलफेयर फंडों के इस्तेमाल की निष्पक्ष और सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के जरिए पता चलेगा कि आय-व्यय का हिसाब और बैंक रिकॉर्ड नियमों के अनुसार हैं या नहीं। अगर किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके आधार पर अगली विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को तय समय में पूरा करने में जुटा हुआ है।